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देवी-देवता एवं पर्व — विस्तृत हिंदी लेख
हर देवता का परिचय, हर पर्व की तिथि और विधि — प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर, सरल हिंदी में।
कुल लेख: 107भाषा: हिंदीनए लेख: प्रतिदिन
पर्व एवं त्योहार
Festivals & Vrat
पर्व एवं त्योहार
Festivals & Vrat- सर्व पितृ अमावस्या 2026: तिथि, श्राद्ध विधि और तर्पण का महत्व
सर्व पितृ अमावस्या 2026 में 10 अक्टूबर को है। जानिए पितृ पक्ष के अंतिम दिन श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान की विधि, महत्व और किन पूर्वजों के लिए यह दिन विशेष है।
पर्व तिथि 2026-10-10 · 1221 शब्द - छठ पूजा 2026: तिथि, चार दिवसीय अनुष्ठान, सूर्य अर्घ्य और सावधानियाँ
छठ पूजा 2026 में 15 नवंबर, रविवार को है। जानिए नहाय-खाय से पारण तक चार दिनों की विधि, सूर्य को अर्घ्य देने का समय, कठिन व्रत की कथा और स्वास्थ्य सावधानियाँ।
पर्व तिथि 2026-11-15 · 1269 शब्द - दीपावली 2026: लक्ष्मी पूजन की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
दीपावली 2026 में 8 नवंबर, रविवार को है। जानिए लक्ष्मी-गणेश पूजन की विधि, प्रदोष-काल मुहूर्त, राम के अयोध्या-आगमन की कथा और पटाखों संबंधी सावधानियाँ।
पर्व तिथि 2026-11-08 · 1113 शब्द - धनतेरस 2026: तिथि, पूजा विधि, धन्वंतरि पूजन और खरीदारी मुहूर्त
धनतेरस 2026 में 6 नवंबर, शुक्रवार को है। जानिए दीपावली-पर्व की शुरुआत करने वाले इस दिन की पूजा-विधि, धन्वंतरि व यमराज पूजन का महत्व और आवश्यक सावधानियाँ।
पर्व तिथि 2026-11-06 · 1128 शब्द - करवा चौथ 2026: तिथि, चंद्रोदय समय और पूजा विधि, व्रत कथा
करवा चौथ 2026 में 29 अक्टूबर को है। जानिए इस निर्जला व्रत की पूजा-विधि, चंद्र-दर्शन का महत्व, करवा चौथ की कथा और व्रत के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ।
पर्व तिथि 2026-10-29 · 1231 शब्द - विजयादशमी 2026: दशहरा की तिथि, रावण-दहन और शमी पूजन
विजयादशमी (दशहरा) 2026 में 20 अक्टूबर को है। जानिए श्री राम की रावण पर विजय की कथा, रावण-दहन का महत्व, शमी-पूजन विधि और नीलकंठ दर्शन की परंपरा।
पर्व तिथि 2026-10-20 · 1107 शब्द - दुर्गा अष्टमी 2026: तिथि, संधि पूजा और कन्या-पूजन विधि
दुर्गा अष्टमी 2026 में 19 अक्टूबर को है। जानिए महाअष्टमी के दिन संधि पूजा का शुभ समय, कन्या-पूजन की विधि और नवरात्रि के इस विशेष दिन का महत्व।
पर्व तिथि 2026-10-19 · 1084 शब्द - शारदीय नवरात्रि 2026: घटस्थापना की तिथि, मुहूर्त और विधि
शारदीय नवरात्रि 2026 में 11 अक्टूबर से आरंभ हो रही है। जानिए घटस्थापना की सही विधि, कलश-स्थापना का महत्व और नौ दिन देवी दुर्गा की पूजा कैसे की जाती है।
पर्व तिथि 2026-10-11 · 1135 शब्द - पितृ पक्ष 2026 आरंभ: तिथि, श्राद्ध विधि और तर्पण का महत्व
पितृ पक्ष 2026 में 27 सितंबर से आरंभ हो रहा है। जानिए श्राद्ध और तर्पण की विधि, पितरों के प्रति कृतज्ञता का महत्व, नियम और इस पखवाड़े से जुड़ी सावधानियाँ।
पर्व तिथि 2026-09-27 · 1117 शब्द - अनंत चतुर्दशी 2026: तिथि, अनंत सूत्र पूजा और गणपति विसर्जन
अनंत चतुर्दशी 2026 में 25 सितंबर को है। जानिए अनंत भगवान (विष्णु) की व्रत-कथा, चौदह गाँठ वाले अनंत-सूत्र की पूजा विधि और गणपति-विसर्जन के सुरक्षा-नियम।
पर्व तिथि 2026-09-25 · 1141 शब्द - परिवर्तिनी एकादशी 2026: तिथि, व्रत विधि और वामन-कथा का महत्व
परिवर्तिनी एकादशी 2026 में 22 सितंबर को है। जानिए वामन अवतार से जुड़ी कथा, विष्णु-पूजा विधि, व्रत-पारण नियम और उपवास से जुड़ी जरूरी स्वास्थ्य-सावधानियाँ।
पर्व तिथि 2026-09-22 · 1115 शब्द - राधा अष्टमी 2026: तिथि, पूजा विधि और राधा-कृष्ण प्रेम-कथा
राधा अष्टमी 2026 में 19 सितंबर को है। जानिए राधा रानी के प्राकट्य की कथा, पूजा-विधि, व्रत-नियम, प्रमुख मंदिर और राधा-कृष्ण भक्ति-परंपरा का महत्व।
पर्व तिथि 2026-09-19 · 1083 शब्द - ऋषि पंचमी 2026: तिथि, सप्तर्षि पूजन विधि और महत्व
ऋषि पंचमी 2026 में 16 सितंबर को है। जानिए सप्तर्षियों के पूजन की विधि, व्रत-कथा, नियम और गणेशोत्सव की अवधि में इस पर्व के मनाए जाने का कारण।
पर्व तिथि 2026-09-16 · 1166 शब्द - गणेश चतुर्थी 2026: तिथि, स्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और विसर्जन नियम
गणेश चतुर्थी 2026 में 14 सितंबर को है। जानिए गणेशजी की स्थापना विधि, पूजा-सामग्री, जन्म-कथा, दस दिन का उत्सव-क्रम और पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन के जरूरी नियम।
पर्व तिथि 2026-09-14 · 1327 शब्द - हरतालिका तीज 2026: तिथि, निर्जला व्रत विधि और पार्वती-कथा
हरतालिका तीज 2026 में 14 सितंबर को है। जानिए निर्जला व्रत की विधि, शिव-पार्वती कथा, पूजन सामग्री, सुहागिनों के नियम और व्रत से जुड़ी जरूरी सावधानियाँ।
पर्व तिथि 2026-09-14 · 1422 शब्द
देवी-देवता
Deities
देवी-देवता
Deities- विभीषण कौन थे — शरणागति और धर्म बनाम कुल की कथा
विभीषण की रावण-सभा में सत्य-वचन की कथा, राम-शरणागति, चिरंजीवी-पद और 'घर का भेदी' लोकोक्ति का ईमानदार विश्लेषण — पूरी जानकारी हिंदी में।
विभीषण · 1119 शब्द - सुग्रीव कौन थे — किष्किंधा-नरेश और राम-मैत्री की कथा
वानरराज सुग्रीव की राम से अग्नि-साक्षी मैत्री, बालि-प्रकरण, सीता-खोज का महाभियान और किष्किंधा राज्य की कथा — पूरी जानकारी हिंदी में।
सुग्रीव · 1089 शब्द - जटायु कौन थे — सीता-रक्षा का युद्ध और राम द्वारा अंतिम संस्कार की कथा
गृध्रराज जटायु की सीता-रक्षा के लिए रावण से युद्ध की कथा, राम द्वारा पिता-तुल्य अंतिम संस्कार, सम्पाति की कथा और जटायु से जुड़े स्मारक स्थल — पूरी जानकारी हिंदी में।
जटायु · 1066 शब्द - नंदी कौन हैं — शिव-वाहन, शिलाद-पुत्र और प्रतीक्षा की मूर्ति की कथा
नंदी की शिलाद-मुनि तप-पुत्र कथा, शिव-मंदिर में गर्भगृह के सामने स्थापित होने का अर्थ, कान में मनोकामना कहने की परंपरा और प्रदोष-पूजा — पूरी जानकारी हिंदी में।
नंदी · 1031 शब्द - पक्षिराज गरुड़ कौन हैं — अमृत-हरण और विनता-मुक्ति की कथा
गरुड़ की अमृत-हरण महागाथा, माता विनता की दासता-मुक्ति, इन्द्र से संधि, विष्णु-वाहन बनने की कथा और गरुड़-पुराण का परिचय — पूरी जानकारी हिंदी में।
गरुड़ · 1115 शब्द - शेषनाग कौन हैं — अनंत, विष्णु-शय्या और धरणी-धर की कथा
शेषनाग (अनंत) की कथा, विष्णु की क्षीरसागर-शय्या का अर्थ, पृथ्वी-धारण की मान्यता, लक्ष्मण-बलराम अवतार-धारा और अनंत चतुर्दशी पर्व — पूरी जानकारी हिंदी में।
शेषनाग · 1103 शब्द - नागराज वासुकि कौन हैं — समुद्र मंथन की नेति और शिव-कण्ठहार की कथा
नागराज वासुकि की समुद्र मंथन में नेति-रस्सी बनने की कथा, शिव के कण्ठहार का प्रतीकात्मक अर्थ, कद्रू-वंश और नाग पंचमी परंपरा — पूरी जानकारी हिंदी में।
वासुकि · 1012 शब्द - संतोषी माता कौन हैं — सोलह शुक्रवार व्रत और गुड़-चना भोग की कथा
संतोषी माता की व्रत-कथा, सोलह शुक्रवार का व्रत, गुड़-चना भोग, खटाई-वर्जना और 1975 की फिल्म से इनकी लोकप्रियता का इतिहास — पूरी जानकारी हिंदी में।
संतोषी माता · 1150 शब्द - शीतला माता कौन हैं — रोग-हर देवी, बासौड़ा पर्व और लोक-परंपरा
शीतला माता की कथा, गर्दभ-वाहन का प्रतीकात्मक अर्थ, बासौड़ा (शीतला सप्तमी-अष्टमी) पर्व और चेचक-युग की सामाजिक स्मृति — विज्ञान-सम्मत जानकारी सहित।
शीतला · 1294 शब्द - मनसा देवी कौन हैं — सर्प-देवी की कथा, बेहुला-लखिंदर और नाग पंचमी
मनसा देवी की कथा, चाँद सौदागर और बेहुला-लखिंदर की गाथा, आस्तीक-सूत्र, नाग पंचमी परंपरा — साथ ही सर्पदंश में तुरंत अस्पताल जाने की आवश्यक जानकारी।
मनसा · 1274 शब्द - खंडोबा कौन हैं — जेजुरी के मल्हारी मार्तंड की कथा और भंडारा परंपरा
खंडोबा (मल्हारी मार्तंड) की मणि-मल्ल वध कथा, जेजुरी मंदिर, भंडारा परंपरा, म्हाळसा-बाणाई और चंपाषष्ठी पर्व की पूरी जानकारी हिंदी में।
खंडोबा · 1111 शब्द - अयप्पा स्वामी कौन हैं — शबरीमला, 41 दिन का व्रत और मणिकंठ कथा
अयप्पा स्वामी हरि-हर पुत्र मणिकंठ की कथा, शबरीमला यात्रा, 41 दिन का कठोर व्रत, मकरविलक्कु पर्व और स्वामिये शरणम् घोष — पूरी जानकारी हिंदी में।
अयप्पा · 1320 शब्द - विठोबा कौन हैं — पंढरपुर के विठ्ठल और वारकरी परंपरा की कथा
विठोबा (विठ्ठल) पंढरपुर में ईंट पर खड़े क्यों हैं, पुंडलिक की कथा, वारकरी परंपरा और आषाढ़ी एकादशी की वारी यात्रा — पूरी जानकारी सरल हिंदी में।
विठोबा · 1533 शब्द - भगवान वेंकटेश्वर: तिरुपति बालाजी की कथा और श्रीनिवास-कल्याण परंपरा
वेंकटेश्वर, जिन्हें बालाजी भी कहा जाता है, आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित विष्णु-स्वरूप हैं। जानिए उनकी कथा, कुबेर-ऋण परंपरा, हुंडी और तिरुपति की उपासना-रीति।
वेंकटेश्वर · 1056 शब्द - भगवान जगन्नाथ: पुरी के दारु-देव, रथयात्रा और महाप्रसाद परंपरा
भगवान जगन्नाथ ओडिशा के पुरी क्षेत्र के प्रधान आराध्य देव हैं, जिन्हें कृष्ण-स्वरूप माना जाता है। जानिए उनकी कथा, विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा और अनूठी काष्ठ-मूर्ति परंपरा।
जगन्नाथ · 1088 शब्द - उमा-महेश्वर: शिव-पार्वती के दिव्य युगल का दर्शन और संवाद-परंपरा
उमा-महेश्वर शिव और पार्वती के दिव्य युगल-स्वरूप हैं, जो पौराणिक संवाद-परंपरा और गार्हस्थ्य के आदर्श का प्रतीक माने जाते हैं। जानिए इनकी कथा, प्रतीकात्मक अर्थ और उपासना।
उमा-महेश्वर · 1136 शब्द - लक्ष्मी-नारायण युगल की पूजा और श्रीमन्नारायण दर्शन का अर्थ
लक्ष्मी और नारायण को साथ क्यों पूजा जाता है, श्रीमन्नारायण नाम का अर्थ क्या है और तुलसी-विवाह की परंपरा इस युगल-भाव से कैसे जुड़ी है — पूरी जानकारी यहाँ पाएँ।
लक्ष्मी-नारायण · 1065 शब्द - सीता-राम युगल की पूजा, सियाराम-दर्शन और विवाह-पंचमी का महत्व
सीता और राम को एक साथ सियाराम रूप में क्यों स्मरण किया जाता है, विवाह-पंचमी पर जनकपुर-अयोध्या की परंपरा क्या है और सियाराम-दर्शन किस बात का प्रतीक है, जानिए।
सीता-राम · 1044 शब्द - राधा-कृष्ण युगल की पूजा क्यों होती है और आह्लादिनी-दर्शन क्या है
राधा-कृष्ण को दो अलग देवता नहीं बल्कि एक युगल-तत्त्व क्यों माना जाता है, आह्लादिनी-शक्ति दर्शन क्या कहता है और वृंदावन की भक्ति-परंपरा में युगल-उपासना का अर्थ जानिए।
राधा-कृष्ण · 1175 शब्द - गायत्री मंत्र और वेदमाता गायत्री देवी की पूरी कथा एवं महत्व
वेदमाता गायत्री कौन हैं, चौबीस अक्षर का गायत्री मंत्र कहाँ से आया, संध्या-वंदन में इसका स्थान क्या है और पंचमुखी स्वरूप का अर्थ — सब कुछ एक साथ जानिए।
गायत्री · 1352 शब्द - माता अन्नपूर्णा: काशी की अन्न-दात्री देवी और अन्नकूट पर्व
अन्नपूर्णा देवी अन्न और पोषण की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं, विशेष रूप से काशी में पूजित। जानिए उनकी कथा, अन्नकूट पर्व, प्रतीकात्मक अर्थ और उपासना परंपरा।
अन्नपूर्णा · 1221 शब्द - कमला देवी: दशमहाविद्या की अंतिम देवी और तांत्रिक श्री-स्वरूप
कमला दशमहाविद्या की दसवीं और अंतिम देवी हैं, जिन्हें लक्ष्मी के तांत्रिक स्वरूप में देखा जाता है। जानिए उनका कमल-प्रतीक, दर्शन और दशमहाविद्या-यात्रा की पूर्णता का अर्थ।
कमला · 1250 शब्द - मातंगी देवी: वाणी, कला और सर्वसमावेशी दर्शन की नवम महाविद्या
मातंगी दशमहाविद्या की नवीं देवी हैं — वाणी, संगीत और समस्त कलाओं की अधिष्ठात्री। जानिए उनका स्वरूप, दर्शन और सर्वसमावेशी शिक्षा की गहन परंपरा।
मातंगी · 1186 शब्द - बगलामुखी देवी: स्तम्भन-शक्ति और आंतरिक संतुलन की अष्टम महाविद्या
बगलामुखी दशमहाविद्या की आठवीं देवी हैं, जिन्हें स्तम्भन अर्थात विनाशकारी वेग को रोकने की शक्ति का प्रतीक माना जाता है। जानिए उनका स्वरूप, दर्शन और सच्चा प्रतीकात्मक अर्थ।
बगलामुखी · 1177 शब्द - धूमावती देवी: शून्यता, वैराग्य और अशुभ के स्वीकार की सप्तम महाविद्या
धूमावती दशमहाविद्या की सातवीं देवी हैं — वैराग्य, रिक्तता और अशुभ माने जाने वाली स्थितियों के भीतर छिपे सत्य की प्रतीक। जानिए उनका स्वरूप, दर्शन और प्रतीकात्मक अर्थ।
धूमावती · 1274 शब्द - त्रिपुरभैरवी देवी: तप-अग्नि और आत्म-अनुशासन की षष्ठ महाविद्या
त्रिपुरभैरवी दशमहाविद्या की छठी देवी हैं — तप और शोधक अग्नि की प्रतीक। जानिए उनका नाम, स्वरूप, प्रतीकात्मक अर्थ और भैरवी-तत्त्व की परंपरा।
त्रिपुरभैरवी · 1272 शब्द - छिन्नमस्ता देवी: आत्म-दान और अहं-विसर्जन की पंचम महाविद्या
छिन्नमस्ता दशमहाविद्या की पंचम देवी हैं, जिनका स्वरूप आत्म-त्याग और निःस्वार्थ देने के सर्वोच्च आदर्श का प्रतीक माना जाता है। जानिए उनकी कथा, प्रतीकात्मक अर्थ और दर्शन।
छिन्नमस्ता · 1288 शब्द - भुवनेश्वरी देवी: चतुर्थ महाविद्या और आकाश-तत्त्व की स्वामिनी
भुवनेश्वरी दशमहाविद्या की चतुर्थ देवी हैं — चौदह भुवनों की स्वामिनी, आकाश-तत्त्व की प्रतीक। जानिए उनका स्वरूप, कथा, प्रतीकात्मक अर्थ और उपासना परंपरा।
भुवनेश्वरी · 1410 शब्द - त्रिपुरसुन्दरी — ललिता, श्रीविद्या और भंडासुर-वध की कथा
त्रिपुरसुन्दरी (ललिता) — दशमहाविद्या की तृतीया देवी और श्रीकुल की प्रधाना। श्रीविद्या, श्रीचक्र-दर्शन और भंडासुर-वध की कथा को श्रद्धा सहित जानिए।
त्रिपुरसुन्दरी · 1097 शब्द - तारा महाविद्या — नील-सरस्वती और तारापीठ की परंपरा
तारा — दशमहाविद्या की द्वितीया देवी, नील-सरस्वती और तारने वाली वाक्-शक्ति। वशिष्ठ-साधना, तारापीठ महापीठ और बौद्ध-तारा से भेद को श्रद्धा सहित समझिए।
तारा · 1270 शब्द - काली महाविद्या — दशमहाविद्या की प्रथमा आदि-विद्या का दर्शन
काली — दशमहाविद्या की प्रथमा एवं आदि-विद्या। दस महाविद्याओं के प्राकट्य की कथा, कालीकुल परंपरा और काल-तत्त्व दर्शन को श्रद्धा और संयम के साथ समझिए।
काली (महाविद्या) · 1225 शब्द - सिद्धिदात्री देवी — नवदुर्गा की नवमी शक्ति और महानवमी पूजा विधि
सिद्धिदात्री — नवदुर्गा की नवमी एवं अंतिम देवी, अष्ट-सिद्धियों की दात्री। शिव को सिद्धि-दान की कथा, महानवमी विधि और नवदुर्गा-मंडल की पूर्णता जानिए।
सिद्धिदात्री · 1320 शब्द - महागौरी माता की कथा: नवदुर्गा अष्टम स्वरूप और कन्या-पूजन की परंपरा
महागौरी — नवदुर्गा की आठवीं देवी, श्वेत-वृषभारूढा शांत-करुणामयी स्वरूप। गौर-वर्ण की कथा, महाष्टमी का कन्या-पूजन और पूजा-विधि की विस्तृत जानकारी यहाँ पढ़ें।
महागौरी · 1029 शब्द - कालरात्रि माता की कथा: नवदुर्गा सप्तम स्वरूप और शुभंकरी नाम का रहस्य
कालरात्रि — नवदुर्गा की सातवीं देवी, कृष्ण-वर्णा उग्र-रूपा किंतु 'शुभंकरी' कहलाने वाली। नाम का दर्शन, उग्रता के भीतर छिपा कल्याण-भाव और सप्तमी-पूजा-विधि।
कालरात्रि · 1116 शब्द - कात्यायनी माता की कथा: नवदुर्गा षष्ठ स्वरूप और गोपी-व्रत का महत्व
कात्यायनी — नवदुर्गा की छठी देवी, कात्यायन-आश्रम में प्रकट महिषमर्दिनी। ऋषि-पुत्री जन्म की कथा, भागवत का गोपी-व्रत और विवाह-मंगल परंपरा की पूरी जानकारी।
कात्यायनी · 1131 शब्द - स्कन्दमाता की कथा: नवदुर्गा पंचम स्वरूप, स्कन्द-जननी और पद्मासना देवी
स्कन्दमाता — नवरात्रि की पाँचवीं रात्रि की देवी, गोद में बाल-स्कन्द (कार्तिकेय) लिए सिंह-वाहिनी। मातृत्व की कथा, पूजा-विधि और मंत्र यहाँ जानिए।
स्कन्दमाता · 1244 शब्द - कूष्माण्डा माता की कथा: नवदुर्गा चतुर्थ स्वरूप और सृष्टि-रचना का दर्शन
कूष्माण्डा — नवरात्रि की चौथी रात्रि की देवी, जिनकी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड प्रकट हुआ। अष्टभुजा स्वरूप, सूर्य-मंडल-वास और पूजा-विधि विस्तार से जानिए।
कूष्माण्डा · 1062 शब्द - चन्द्रघण्टा माता की कथा: नवदुर्गा तृतीय स्वरूप और घंटा-नाद का महत्व
चन्द्रघण्टा — नवरात्रि की तीसरी रात्रि की देवी, मस्तक पर घंटाकार अर्ध-चंद्र धारण करने वाली दशभुजा। सिंह-वाहिनी स्वरूप, नाद-आयुध और पूजा-विधि जानिए।
चन्द्रघण्टा · 1055 शब्द - ब्रह्मचारिणी माता की कथा: नवदुर्गा द्वितीय स्वरूप, तप और अपर्णा-व्रत
ब्रह्मचारिणी — नवरात्रि की दूसरी रात्रि की देवी, जपमाला-कमंडलु धारण करने वाली तपस्विनी। पार्वती के तप और अपर्णा-व्रत की कथा तथा पूजा-विधि जानिए।
ब्रह्मचारिणी · 1137 शब्द - शैलपुत्री माता की कथा: नवदुर्गा प्रथम स्वरूप और प्रतिपदा पूजा विधि
शैलपुत्री — नवरात्रि की प्रथम रात्रि की देवी, हिमालय-पुत्री और वृषभारूढा। सती से पुनर्जन्म की कथा, प्रतिपदा घटस्थापना और शैलपुत्री पूजा विधि जानिए।
शैलपुत्री · 1020 शब्द - पृथ्वी माता (भूदेवी) की कथा: भूमि-सूक्त, पृथु-कथा और वराह-संबंध
पृथ्वी माता भूदेवी — अथर्ववेद के भूमि-सूक्त की आराध्या, पृथु-कथा से जुड़ी नामकरण-गाथा और वराह-अवतार की संगिनी। जानिए भूमि-पूजन परंपरा और आध्यात्मिक अर्थ।
पृथ्वी · 1106 शब्द - हिमवान की कथा: पर्वतराज, पार्वती-गंगा के पिता और उमा हैमवती
हिमवान — हिमालय के अधिष्ठाता, पार्वती और गंगा के पिता, मेना के पति। कन्यादान की कथा, केन उपनिषद की उमा हैमवती और मैनाक-प्रसंग को विस्तार से जानिए।
हिमवान · 1087 शब्द - नर्मदा देवी की कथा: रेवा, बाणलिंग-महिमा और नर्मदा परिक्रमा परंपरा
नर्मदा देवी — शिव-देह से प्रकट रेवा नदी, जिसका हर पत्थर बाणलिंग माना जाता है। अमरकंटक-उद्गम, नर्मदा परिक्रमा और उपासना-परंपरा को विस्तार से जानिए।
नर्मदा · 1062 शब्द - यमुना देवी की कथा: सूर्य-सुता, यम-द्वितीया और कृष्ण-प्रेम की धारा
यमुना देवी — सूर्य की पुत्री, यम की बहन और कृष्ण-लीला की साक्षी नदी। यम-द्वितीया, कालिंदी-विवाह, यमुनाष्टक और यमुना पूजा की परंपरा को विस्तार से जानिए।
यमुना · 1199 शब्द - गंगा माता की कथा: भगीरथ-अवतरण, त्रिपथगा और तीर्थ-यात्रा
गंगा — स्वर्ग से पृथ्वी पर उतरी त्रिपथगा नदी-देवी। भगीरथ-तप, सगर-पुत्रों का तारण, शिव-जटा धारण की कथा तथा हरिद्वार-काशी जैसे तीर्थों की पूरी जानकारी।
गंगा · 1190 शब्द - निर्ऋति की कथा: वैदिक क्षय-देवी से नैर्ऋत्य-दिक्पाल तक की यात्रा
निर्ऋति — ऋग्वेद की क्षय और अभाव की देवी, जो कालांतर में दक्षिण-पश्चिम दिशा की दिक्पाल बनीं। ऋत से च्युति का दर्शन, वैदिक कथा और दिक्पाल-परंपरा की विस्तृत जानकारी।
निर्ऋति · 1263 शब्द - ईशान की कथा: पंचब्रह्म का ऊर्ध्व-मुख और उत्तर-पूर्व के दिक्पाल
ईशान — शिव का ऊर्ध्व-ज्ञान-मुख और उत्तर-पूर्व दिशा के दिक्पाल। 'ईशानः सर्वविद्यानाम्' मंत्र, पंचब्रह्म-दर्शन, वास्तु के ईशान-कोण और उपासना-विधि की पूरी जानकारी।
ईशान · 1202 शब्द - कुबेर देव: यक्षराज धनाधिपति की कथा, अलकापुरी एवं मंत्र
कुबेर कौन हैं — यक्षराज वैश्रवण की तप-कथा, रावण द्वारा लंका-हरण, अलकापुरी और नौ निधियों के अधिपति के रूप में उत्तर दिक्पाल को विस्तार से जानिए।
कुबेर · 1003 शब्द - यम धर्मराज: दक्षिण दिक्पाल की कथा, नचिकेता-संवाद एवं मंत्र
यम धर्मराज कौन हैं — कठोपनिषद की नचिकेता कथा, सावित्री-प्रसंग और दक्षिण दिक्पाल के रूप में मृत्यु के न्यायपूर्ण स्वामी को गरिमा के साथ जानिए।
यम · 1019 शब्द - केतु देव: मोक्ष-कारक छाया-ग्रह की कथा, अर्थ एवं मंत्र
केतु कौन हैं — अमृत-मंथन से जुड़ी छिन्न-धड़ की कथा, वैराग्य और मोक्ष-कारक होने का अर्थ, तथा गणेश से जुड़े नवग्रह के इस अनोखे सदस्य को जानिए।
केतु · 1000 शब्द - राहु देव: छाया-ग्रह स्वर्भानु की कथा, ग्रहण-रहस्य एवं मंत्र
राहु कौन हैं — सिंहिका-पुत्र स्वर्भानु की अमृत-मंथन कथा, ग्रहण-चक्र का रहस्य और छाया-ग्रह के ज्योतिषीय महत्व को भय-मुक्त दृष्टि से जानिए।
राहु · 1027 शब्द - शनि देव: छाया-सुत न्यायाधीश की कथा, साढ़ेसाती का सच और मंत्र
शनि देव कौन हैं — छाया-सूर्य पुत्र शनि की जन्म-कथा, हनुमान-प्रसंग और साढ़ेसाती को लेकर परंपरा क्या कहती है, भय नहीं विवेक के साथ जानिए।
शनि · 1077 शब्द - शुक्राचार्य: दैत्य-गुरु उशना कवि की कथा, मृतसंजीवनी और मंत्र
शुक्राचार्य कौन हैं — भृगु-पुत्र उशना कवि, मृतसंजीवनी विद्या, कच-देवयानी की कथा और ययाति-प्रकरण को समझिए, नवग्रह की इस अनोखी कथा में।
शुक्र · 1050 शब्द - बृहस्पति देव: देवगुरु की कथा, महत्व और गुरुवार व्रत विधि
बृहस्पति देव कौन हैं — देवताओं के गुरु की कथा, तारा-प्रकरण, गुरुवार व्रत और नवग्रहों में सबसे शुभ ग्रह माने जाने का कारण विस्तार से जानिए।
बृहस्पति · 1063 शब्द - बुध देव: चंद्रवंश के आदि-पुरुष सौम्य ग्रह की कथा एवं मंत्र
बुध देव कौन हैं — चन्द्र-तारा पुत्र बुध की जन्म-कथा, इला-प्रकरण, चंद्रवंश की उत्पत्ति और बुधादित्य योग के बारे में विस्तार से जानिए।
बुध · 1050 शब्द - मंगल देव: भूमि-पुत्र अंगारक की कथा, स्वरूप और मंगल-दोष का सच
मंगल देव कौन हैं — भूमि-पुत्र अंगारक की जन्म-कथा, मंगलनाथ उज्जैन, अंगारकी चतुर्थी और मंगल-दोष को लेकर परंपरा क्या कहती है, विस्तार से जानिए।
मंगल · 1476 शब्द - देव चन्द्र: मन के अधिष्ठाता सोम, दक्ष-शाप और सोमनाथ की कथा
चन्द्र (सोम) — मन के अधिष्ठाता, नवग्रह के द्वितीय देवता। सत्ताईस नक्षत्र-पत्नियाँ, दक्ष-शाप, सोमनाथ स्थापना-कथा और करवा चौथ यहाँ पढ़ें।
चन्द्र · 1146 शब्द - भगवान सूर्य: प्रत्यक्ष देवता, संज्ञा-छाया कथा और नवग्रह में स्थान
सूर्य — एकमात्र प्रत्यक्ष देवता और नवग्रहों के राजा। संज्ञा-छाया कथा, गायत्री-आदित्यहृदय, छठ पूजा और सूर्य-मंदिरों का विस्तृत परिचय यहाँ पढ़ें।
सूर्य · 1264 शब्द - देव वरुण: ऋत के सम्राट, जल-पति और शुनःशेप की कथा
वरुण — वैदिक ऋत-सम्राट और परवर्ती जल-समुद्र अधिपति। शुनःशेप-मोचन, वसिष्ठ का क्षमा-सूक्त, भृगुवल्ली और झूलेलाल-परंपरा यहाँ पढ़ें।
वरुण · 1182 शब्द - देव वायु: प्राण के अधिष्ठाता, हनुमान-भीम के पिता की कथा
वायु — प्राणों के देवता, हनुमान और भीम के पिता। केनोपनिषद की यक्ष-परीक्षा, मुख्यप्राण-दर्शन और दिक्पाल वायव्य से जुड़ी कथाएँ यहाँ पढ़ें।
वायु · 1151 शब्द - देव अग्नि: यज्ञ के हव्यवाहन, खांडव-दहन की कथा और महत्व
अग्नि — ऋग्वेद के प्रथम शब्द, देवताओं के मुख और यज्ञ के हव्यवाहन। स्वाहा-संबंध, खांडव-दहन कथा, अग्निहोत्र-परंपरा और मंत्रों का विस्तृत परिचय।
अग्नि · 1234 शब्द - देवराज इन्द्र: वृत्र-वध, वज्र की कथा और स्वर्ग के अधिपति का पद
इन्द्र — ऋग्वेद के सर्वाधिक-स्तुत देवराज। वृत्र-वध, दधीचि की अस्थियों से बना वज्र, अहल्या-गोवर्धन प्रसंग और अनगिनत इन्द्र की कथा यहाँ पढ़ें।
इन्द्र · 1528 शब्द - अष्टविनायक यात्रा: महाराष्ट्र के आठ स्वयंभू गणपति-क्षेत्रों की कथा
अष्टविनायक — महाराष्ट्र के आठ स्वयंभू गणेश-क्षेत्र। मोरगाँव से रांजणगाँव तक यात्रा-क्रम, हर क्षेत्र की कथा और परंपरा का विस्तृत परिचय।
अष्टविनायक · 1164 शब्द - मोहिनी अवतार: विष्णु का स्त्री-रूप, समुद्र मंथन कथा और महत्व
मोहिनी — विष्णु का एकमात्र स्त्री-अवतार। अमृत-वितरण की कथा, भस्मासुर-प्रसंग, शिव-मोहिनी मिलन और मोहिनी एकादशी का महत्व यहाँ पढ़ें।
मोहिनी · 1189 शब्द - दक्षिणामूर्ति: शिव का आदि-गुरु स्वरूप, मौन-उपदेश और कथा
दक्षिणामूर्ति — शिव का गुरु-स्वरूप। सनकादि ऋषियों को मौन-उपदेश, चिन्मुद्रा का रहस्य, वट-वृक्ष कथा और गुरु पूर्णिमा से जुड़ाव यहाँ जानें।
दक्षिणामूर्ति · 1022 शब्द - अर्धनारीश्वर: शिव-शक्ति का एक-देह स्वरूप, कथा और आध्यात्मिक अर्थ
अर्धनारीश्वर — आधे शिव आधी पार्वती का दिव्य स्वरूप। भृंगी-कथा, एलिफेंटा-शिल्प, तिरुचेंगोडे पीठ और इस विग्रह के गहरे प्रतीकात्मक अर्थ जानें।
अर्धनारीश्वर · 1018 शब्द - काल भैरव: काशी के कोतवाल, कथा, स्वरूप और भैरव अष्टमी का महत्व
काल भैरव — शिव का काल-स्वरूप। काशी के कोतवाल की कथा, कपालमोचन, बटुक-भैरव, उज्जैन परंपरा और कालाष्टमी पर्व की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
काल भैरव · 1050 शब्द - नटराज: शिव का आनंद-तांडव स्वरूप, चिदंबरम की कथा और प्रतीक अर्थ
नटराज — शिव का नृत्यराज रूप। चिदंबरम की तिल्लै-कथा, डमरू-अग्नि प्रतीक-शास्त्र, चोल-कांस्य परंपरा और आरुद्रा-दर्शन का महत्व यहाँ जानें।
नटराज · 1220 शब्द - बलराम की कथा: कृष्ण के अग्रज, शेष-अवतार दाऊजी
बलराम — कृष्ण के अग्रज, शेषनाग के अवतार, हल-मूसल धारी दाऊजी। जन्म-कथा, गोकुल-लीलाएँ, विवाह, हल षष्ठी पर्व और तीर्थ की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
बलराम · 1017 शब्द - कल्कि अवतार: कलियुग के अंत की भविष्य-कथा
कल्कि अवतार — विष्णु का दसवाँ और भावी अवतार, जो कलियुग के अंत में शंभल-ग्राम से प्रकट होगा। भविष्य-कथा, कल्कि पुराण, आध्यात्मिक अर्थ और पर्व यहाँ पढ़ें।
कल्कि · 1022 शब्द - बुद्ध अवतार: पुराण-परंपरा में विष्णु के नवम अवतार की कथा
पुराण-परंपरा में बुद्ध को विष्णु का नवम अवतार माना जाता है — मायामोह और करुणावतार, दोनों धाराओं सहित पूरी कथा, पर्व और मंदिरों की जानकारी यहाँ पढ़ें।
बुद्ध · 1016 शब्द - परशुराम अवतार की कथा: भार्गव योद्धा-ऋषि की गाथा
परशुराम अवतार — विष्णु के छठे अवतार, शिव से परशु पाने वाले भार्गव ऋषि। जन्म, मातृ-वध की कठोर कसौटी, इक्कीस अभियान, चिरंजीवी होने की कथा यहाँ पढ़ें।
परशुराम · 1012 शब्द - वामन अवतार की कथा: तीन पग में त्रिलोक की माप
वामन अवतार — विष्णु का पाँचवाँ अवतार, जिसने तीन पग में त्रिलोक नापकर राजा बलि का अहंकार शांत किया। जन्म-कथा, त्रिविक्रम रूप, मंत्र, पर्व और ओणम का महत्व यहाँ पढ़ें।
वामन · 1000 शब्द - नृसिंह अवतार की कथा: प्रह्लाद-रक्षा और हिरण्यकशिपु वध
नृसिंह अवतार — आधा नर आधा सिंह रूप, जिसने भक्त प्रह्लाद की रक्षा और हिरण्यकशिपु का वध किया। जन्म-कथा, आध्यात्मिक अर्थ, मंत्र, पर्व और तीर्थ यहाँ पढ़ें।
नृसिंह · 1024 शब्द - वराह अवतार की कथा: पृथ्वी का उद्धार और हिरण्याक्ष वध
वराह अवतार — विष्णु का तीसरा अवतार, जिसने रसातल में डूबी पृथ्वी को दाढ़ों पर उठाया और हिरण्याक्ष का वध किया। पूरी कथा, आध्यात्मिक अर्थ, मंत्र और तीर्थ यहाँ पढ़ें।
वराह · 1002 शब्द - कूर्म अवतार की कथा: समुद्र मंथन में मंदराचल का आधार
कूर्म अवतार — विष्णु का दूसरा अवतार, जिसकी पीठ पर मंदराचल पर्वत टिका और समुद्र मंथन संभव हुआ। जन्म-कथा, आध्यात्मिक अर्थ, मंत्र, पर्व और तीर्थ यहाँ पढ़ें।
कूर्म · 1010 शब्द - मत्स्य अवतार की कथा: प्रलय से मनु और वेदों की रक्षा
मत्स्य अवतार — विष्णु का प्रथम अवतार, जिसने प्रलय-सागर में मनु की नौका खींची और चुराए वेद लौटाए। जन्म, कथा, मंत्र, पर्व और तीर्थ की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
मत्स्य · 1040 शब्द - माता सीता की कथा: जानकी से भूमि-प्रवेश तक धैर्य की गाथा
माता सीता — भूमिजा जानकी, लक्ष्मी-अवतार, राम-वल्लभा। जन्म, स्वयंवर, अशोक वाटिका का धैर्य, अग्नि-परीक्षा और भूमि-प्रवेश तक की पूरी कथा, पूजा-विधि और तीर्थ यहाँ पढ़ें।
सीता · 1029 शब्द - श्री कृष्ण: लीला पुरुषोत्तम की कथा, गीता-उपदेश और उपासना
श्री कृष्ण विष्णु के आठवें अवतार और भगवद्गीता के उद्गाता हैं। जानिए उनकी बाल-लीलाएँ, गोवर्धन-कथा, कुरुक्षेत्र-उपदेश, मंत्र, मंदिर और जन्माष्टमी पूजा-विधि।
कृष्ण · 1031 शब्द - श्री राम: मर्यादा पुरुषोत्तम की कथा, आदर्श और उपासना विधि
श्री राम विष्णु के सातवें अवतार और मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। जानिए उनकी जन्मकथा, वनवास, सीता-हरण, रामराज्य, मंत्र, मंदिर और राम नवमी की पूजा-परंपरा।
राम · 1088 शब्द - श्री हनुमान की कथा: सुंदरकांड, संजीवनी और चिरंजीवी वरदान
श्री हनुमान वायुपुत्र, रामदूत और संकटमोचन हैं। जानिए जन्म एवं बाल-सूर्य कथा, सुंदरकांड की समुद्र-लंघन से लंका-दहन तक की यात्रा, संजीवनी-प्रसंग और हनुमान जयंती का महत्व।
हनुमान · 1185 शब्द - श्री राधा रानी की कथा: प्राकट्य, महारास और राधाष्टमी पर्व
श्री राधा रानी वृषभानु-नंदिनी और कृष्ण-प्रेम की पराकाष्ठा हैं। जानिए बरसाना में प्राकट्य, महारास-लीला, राधा-नाम भक्ति परंपरा, मंत्र और राधाष्टमी पर्व का महत्व।
राधा · 1056 शब्द - माता काली की कथा: रक्तबीज वध, चामुंडा रूप और दक्षिणा काली
माता काली काल की अधिष्ठात्री और अहंकार-संहारिणी हैं। जानिए दुर्गा के ललाट से प्राकट्य, चंड-मुंड वध, रक्तबीज वध, शिव पर चरण का रहस्य, मंत्र और काली पूजा का महत्व।
काली · 1136 शब्द - माता दुर्गा की कथा: महिषासुरमर्दिनी और नवरात्रि का महत्व
माता दुर्गा महिषासुरमर्दिनी और सिंहवाहिनी हैं। जानिए देव-तेज से प्राकट्य, महिषासुर वध, शुम्भ-निशुम्भ संहार, नवार्ण मंत्र, नवरात्रि और दुर्गा पूजा की संपूर्ण कथा।
दुर्गा · 1140 शब्द - माता सरस्वती की कथा: वाग्देवी का प्राकट्य और बसंत पंचमी पूजन
माता सरस्वती विद्या, वाणी, संगीत और कला की देवी हैं। जानिए वाग्देवी का प्राकट्य, त्रिदेवी-शाप कथा, सरस्वती नदी का रहस्य, सरस्वती वंदना, मंत्र और बसंत पंचमी का महत्व।
सरस्वती · 1086 शब्द - माता लक्ष्मी की कथा: समुद्र मंथन से प्राकट्य और दीपावली पूजन
माता लक्ष्मी समृद्धि और श्री की देवी हैं। जानिए समुद्र मंथन से प्राकट्य, कोल्हापुर-तिरुपति परंपरा, दीपावली-कोजागरी पूजा और अष्टलक्ष्मी का महत्व विस्तार से।
लक्ष्मी · 1086 शब्द - माता पार्वती की कथा: उमा-गौरी का जन्म, तपस्या और अन्नपूर्णा रूप
माता पार्वती शिव की शक्ति और गणेश-कार्तिकेय की माता हैं। जानिए उनके जन्म व नारद-भविष्यवाणी, अन्नपूर्णा कथा, काली से गौरी बनने की कथा, मंत्र और तीज-गौरी पर्व का महत्व।
पार्वती · 1146 शब्द - भगवान कार्तिकेय: स्कंद-मुरुगन की कथा, तारकासुर वध और वल्ली-विवाह
भगवान कार्तिकेय (स्कंद-मुरुगन) देवसेनापति हैं। जानिए षडानन जन्म-कथा, तारकासुर वध, वल्ली-विवाह, कार्तिकेय मंत्र, अरुपदई वீடு छह धाम और स्कंद षष्ठी का महत्व।
कार्तिकेय · 1090 शब्द - भगवान गणेश की कथा: जन्म, मूषक-वाहन और महाभारत लेखन
भगवान गणेश विघ्नहर्ता और बुद्धिदाता हैं। जानिए उनकी जन्म-कथा, महाभारत-लेखन में भूमिका, मूषक वाहन की कथा, गणेश मंत्र, अष्टविनायक तीर्थ और गणेश चतुर्थी का महत्व।
गणेश · 1224 शब्द - भगवान शिव: महादेव की कथा, सती-पार्वती और गंगावतरण का रहस्य
भगवान शिव त्रिमूर्ति के संहारक-रूपांतरणकर्ता हैं। जानिए सती-दक्ष यज्ञ, पार्वती-विवाह, गंगावतरण की कथा, महामृत्युंजय मंत्र, ज्योतिर्लिंग और महाशिवरात्रि का महत्व।
शिव · 1249 शब्द - भगवान विष्णु: पालनकर्ता, समुद्र मंथन और गजेंद्र मोक्ष की कथा
भगवान विष्णु त्रिमूर्ति के पालनकर्ता हैं। जानिए समुद्र मंथन, गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार की कथा, विष्णु मंत्र, प्रमुख तीर्थ और एकादशी व्रत का महत्व विस्तार से।
विष्णु · 1295 शब्द - भगवान ब्रह्मा की कथा: सृष्टिकर्ता, पाँचवाँ सिर और पूजा दुर्लभ क्यों
भगवान ब्रह्मा त्रिमूर्ति के सृष्टिकर्ता हैं। जानिए हिरण्यगर्भ से उत्पत्ति, पाँचवें सिर की कथा, पूजा दुर्लभ क्यों है, ब्रह्मा जी का मंत्र और पुष्कर तीर्थ का महत्व।
ब्रह्मा · 1311 शब्द