आज का पंचांग 26 अक्टूबर 2026, सोमवार: तिथि, नक्षत्र, योग और करण
दैनिक पूजा और कार्यों के लिए पंचांग के पाँच अंगों को समझना आवश्यक है। यहाँ 26 अक्टूबर 2026 के मुख्य पंचांग मान दिए गए हैं।
नई दिल्ली के लिए 26 अक्टूबर 2026 का पंचांग
पंचांग गणना स्थानीय सूर्योदय पर आधारित है। नीचे 26 अक्टूबर 2026 के लिए नई दिल्ली के मुख्य मान दिए गए हैं। ये मान सूर्योदय के समय के हैं और दिन में बदल सकते हैं। अपने शहर के समय की पुष्टि के लिए पंचांग पृष्ठ (Panchang page) पर शहर चुनकर जांचें।
| पंचांग घटक | मान (नई दिल्ली) | विवरण |
|---|---|---|
| वार | सोमवार | स्वामी: चंद्र |
| तिथि | पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) | सूर्योदय कालीन मान |
| नक्षत्र | अश्विनी (पद 2) | स्वामी: केतु |
| योग | वज्र | सूर्य-चंद्र योग |
| करण | बव | तिथि का आधा भाग |
| सूर्योदय | 06:28 | प्रातः काल |
| सूर्यास्त | 17:41 | सायंकाल |
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 - 12:27 | 8वाँ मुहूर्त (अनुकूल) |
| राहु काल | 07:52 - 09:16 | अशुभ काल |
| यमगण्ड | 10:40 - 12:04 | अशुभ काल |
| गुलिक काल | 13:29 - 14:53 | अशुभ काल |
पंचांग के पाँच अंगों का अर्थ
वैदिक काल गणना में पाँच अंगों का खगोलीय आधार होता है:
- तिथि: यह सूर्य और चंद्रमा के कोणीय अंतर को दर्शाती है। चंद्रमा के 12° बढ़ने पर एक तिथि बनती है। चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, जिनमें 15 शुक्ल पक्ष और 15 कृष्ण पक्ष की हैं। आज शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा है।
- नक्षत्र: आकाश में चंद्रमा की निरयण स्थिति। 13°20′ के प्रत्येक भाग पर एक नक्षत्र बनता है, जिससे कुल 27 नक्षत्र होते हैं। हर नक्षत्र के 4 पद होते हैं और प्रत्येक पद 3°20′ का होता है। आज अश्विनी नक्षत्र का पद 2 है।
- योग: सूर्य और चंद्रमा के निरयण देशांतरों का जोड़। हर 13°20′ पर नया योग बनता है, जिनकी कुल संख्या 27 है। आज सूर्योदय पर वज्र योग है।
- करण: तिथि का आधा भाग यानी 6° की दूरी। कुल 7 चर करण क्रम से आते हैं, जबकि शकुनि, चतुष्पद, नाग और किंस्तुघ्न 4 स्थिर करण हैं। आज बव करण है।
- वार: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का समय वार कहलाता है। आज का वार सोमवार है, जिसके स्वामी चंद्र हैं।
शुभ मुहूर्त और अशुभ काल के नियम
समय की गुणवत्ता समझने के लिए शास्त्रों में शुभ और अशुभ काल तय किए गए हैं:
अशुभ काल (राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल): दिन के समय को 8 बराबर भागों में बांटा जाता है। वार के अनुसार इनमें से निश्चित भाग इन कालों के लिए तय होते हैं। परंपरा में ऐसा माना जाता है कि राहु काल (07:52 - 09:16), यमगण्ड (10:40 - 12:04) और गुलिक काल (13:29 - 14:53) में नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। नियमित दैनिक कार्य जारी रह सकते हैं।
शुभ मुहूर्त (अभिजित मुहूर्त): दिन के 15 बराबर मुहूर्तों में 8वाँ मुहूर्त अभिजित कहलाता है। 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में यह समय 11:42 से 12:27 तक रहेगा। परंपरा के अनुसार इसे नए कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
दिन का चौघड़िया मुहूर्त
दिन के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर चौघड़िया देखा जाता है। परंपरा में नए कार्यों के लिए अमृत, शुभ, लाभ और चर को अनुकूल तथा काल, रोग और उद्वेग को प्रतिकूल माना जाता है। नई दिल्ली के लिए यह समय इस प्रकार है:
- अमृत (अनुकूल): 06:28 - 07:52
- काल (प्रतिकूल): 07:52 - 09:16
- शुभ (अनुकूल): 09:16 - 10:40
- रोग (प्रतिकूल): 10:40 - 12:04
- उद्वेग (प्रतिकूल): 12:04 - 13:29
- चर (अनुकूल): 13:29 - 14:53
- लाभ (अनुकूल): 14:53 - 16:17
- अमृत (अनुकूल): 16:17 - 17:41
मुख्य बातें
- 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:28 और सूर्यास्त 17:41 पर होगा।
- सूर्योदय पर पूर्णिमा तिथि, अश्विनी नक्षत्र (पद 2), वज्र योग और बव करण प्रभावी हैं।
- अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:27 तक रहेगा, जो नए कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
- राहु काल 07:52 से 09:16 तक रहेगा, जिसमें नए कार्यों से पारंपरिक रूप से बचा जाता है।
- ये मान नई दिल्ली के लिए हैं; अन्य शहरों के पाठक पंचांग पृष्ठ पर समय जांचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पंचांग का समय सभी शहरों में एक जैसा होता है?
नहीं, पंचांग की गणना स्थानीय सूर्योदय पर आधारित होती है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय भिन्न होने से तिथियों और मुहूर्तों के समय में अंतर आता है।
क्या राहु काल में नियमित कार्य भी बंद करने पड़ते हैं?
नहीं, परंपरा के अनुसार राहु काल में केवल नए कार्यों की शुरुआत से बचा जाता है। दैनिक कार्य बिना किसी बाधा के जारी रख सकते हैं।
अभिजित मुहूर्त का समय कैसे निर्धारित होता है?
दिन के कुल समय को 15 बराबर मुहूर्तों में बांटा जाता है, जिसमें 8वाँ मुहूर्त अभिजित कहलाता है।
चौघड़िया में कौन-से समय खंड अनुकूल माने जाते हैं?
परंपरा के अनुसार अमृत, शुभ, लाभ और चर अनुकूल माने जाते हैं, जबकि काल, रोग और उद्वेग को नए कार्यों के लिए टालने की मान्यता है।
आगे क्या करें। अपनी जगह के अनुसार समय देखने के लिए नीचे का पेज खोलें।
Today's Panchang — Tithi, Nakshatra, Rahu Kaal →


