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देवी-देवता एवं पर्व — विस्तृत हिंदी लेख
हर देवता का परिचय, हर पर्व की तिथि और विधि — प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर, सरल हिंदी में।
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पर्व एवं त्योहार
Festivals & Vrat
पर्व एवं त्योहार
Festivals & Vrat- ऋषि पंचमी 2026: तिथि, सप्तर्षि पूजन विधि और महत्व
ऋषि पंचमी 2026 में 16 सितंबर को है। जानिए सप्तर्षियों के पूजन की विधि, व्रत-कथा, नियम और गणेशोत्सव की अवधि में इस पर्व के मनाए जाने का कारण।
पर्व तिथि 2026-09-16 · 1166 शब्द - हरतालिका तीज 2026: तिथि, निर्जला व्रत विधि और पार्वती-कथा
हरतालिका तीज 2026 में 14 सितंबर को है। जानिए निर्जला व्रत की विधि, शिव-पार्वती कथा, पूजन सामग्री, सुहागिनों के नियम और व्रत से जुड़ी जरूरी सावधानियाँ।
पर्व तिथि 2026-09-14 · 1422 शब्द - गणेश चतुर्थी 2026: तिथि, स्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और विसर्जन नियम
गणेश चतुर्थी 2026 में 14 सितंबर को है। जानिए गणेशजी की स्थापना विधि, पूजा-सामग्री, जन्म-कथा, दस दिन का उत्सव-क्रम और पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन के जरूरी नियम।
पर्व तिथि 2026-09-14 · 1327 शब्द
देवी-देवता
Deities
देवी-देवता
Deities- यम धर्मराज: दक्षिण दिक्पाल की कथा, नचिकेता-संवाद एवं मंत्र
यम धर्मराज कौन हैं — कठोपनिषद की नचिकेता कथा, सावित्री-प्रसंग और दक्षिण दिक्पाल के रूप में मृत्यु के न्यायपूर्ण स्वामी को गरिमा के साथ जानिए।
यम · 1019 शब्द - केतु देव: मोक्ष-कारक छाया-ग्रह की कथा, अर्थ एवं मंत्र
केतु कौन हैं — अमृत-मंथन से जुड़ी छिन्न-धड़ की कथा, वैराग्य और मोक्ष-कारक होने का अर्थ, तथा गणेश से जुड़े नवग्रह के इस अनोखे सदस्य को जानिए।
केतु · 1000 शब्द - राहु देव: छाया-ग्रह स्वर्भानु की कथा, ग्रहण-रहस्य एवं मंत्र
राहु कौन हैं — सिंहिका-पुत्र स्वर्भानु की अमृत-मंथन कथा, ग्रहण-चक्र का रहस्य और छाया-ग्रह के ज्योतिषीय महत्व को भय-मुक्त दृष्टि से जानिए।
राहु · 1027 शब्द - शनि देव: छाया-सुत न्यायाधीश की कथा, साढ़ेसाती का सच और मंत्र
शनि देव कौन हैं — छाया-सूर्य पुत्र शनि की जन्म-कथा, हनुमान-प्रसंग और साढ़ेसाती को लेकर परंपरा क्या कहती है, भय नहीं विवेक के साथ जानिए।
शनि · 1077 शब्द - शुक्राचार्य: दैत्य-गुरु उशना कवि की कथा, मृतसंजीवनी और मंत्र
शुक्राचार्य कौन हैं — भृगु-पुत्र उशना कवि, मृतसंजीवनी विद्या, कच-देवयानी की कथा और ययाति-प्रकरण को समझिए, नवग्रह की इस अनोखी कथा में।
शुक्र · 1050 शब्द - बृहस्पति देव: देवगुरु की कथा, महत्व और गुरुवार व्रत विधि
बृहस्पति देव कौन हैं — देवताओं के गुरु की कथा, तारा-प्रकरण, गुरुवार व्रत और नवग्रहों में सबसे शुभ ग्रह माने जाने का कारण विस्तार से जानिए।
बृहस्पति · 1063 शब्द - बुध देव: चंद्रवंश के आदि-पुरुष सौम्य ग्रह की कथा एवं मंत्र
बुध देव कौन हैं — चन्द्र-तारा पुत्र बुध की जन्म-कथा, इला-प्रकरण, चंद्रवंश की उत्पत्ति और बुधादित्य योग के बारे में विस्तार से जानिए।
बुध · 1050 शब्द - मंगल देव: भूमि-पुत्र अंगारक की कथा, स्वरूप और मंगल-दोष का सच
मंगल देव कौन हैं — भूमि-पुत्र अंगारक की जन्म-कथा, मंगलनाथ उज्जैन, अंगारकी चतुर्थी और मंगल-दोष को लेकर परंपरा क्या कहती है, विस्तार से जानिए।
मंगल · 1476 शब्द - देव चन्द्र: मन के अधिष्ठाता सोम, दक्ष-शाप और सोमनाथ की कथा
चन्द्र (सोम) — मन के अधिष्ठाता, नवग्रह के द्वितीय देवता। सत्ताईस नक्षत्र-पत्नियाँ, दक्ष-शाप, सोमनाथ स्थापना-कथा और करवा चौथ यहाँ पढ़ें।
चन्द्र · 1146 शब्द - भगवान सूर्य: प्रत्यक्ष देवता, संज्ञा-छाया कथा और नवग्रह में स्थान
सूर्य — एकमात्र प्रत्यक्ष देवता और नवग्रहों के राजा। संज्ञा-छाया कथा, गायत्री-आदित्यहृदय, छठ पूजा और सूर्य-मंदिरों का विस्तृत परिचय यहाँ पढ़ें।
सूर्य · 1264 शब्द - देव वरुण: ऋत के सम्राट, जल-पति और शुनःशेप की कथा
वरुण — वैदिक ऋत-सम्राट और परवर्ती जल-समुद्र अधिपति। शुनःशेप-मोचन, वसिष्ठ का क्षमा-सूक्त, भृगुवल्ली और झूलेलाल-परंपरा यहाँ पढ़ें।
वरुण · 1182 शब्द - देव वायु: प्राण के अधिष्ठाता, हनुमान-भीम के पिता की कथा
वायु — प्राणों के देवता, हनुमान और भीम के पिता। केनोपनिषद की यक्ष-परीक्षा, मुख्यप्राण-दर्शन और दिक्पाल वायव्य से जुड़ी कथाएँ यहाँ पढ़ें।
वायु · 1151 शब्द - देव अग्नि: यज्ञ के हव्यवाहन, खांडव-दहन की कथा और महत्व
अग्नि — ऋग्वेद के प्रथम शब्द, देवताओं के मुख और यज्ञ के हव्यवाहन। स्वाहा-संबंध, खांडव-दहन कथा, अग्निहोत्र-परंपरा और मंत्रों का विस्तृत परिचय।
अग्नि · 1234 शब्द - देवराज इन्द्र: वृत्र-वध, वज्र की कथा और स्वर्ग के अधिपति का पद
इन्द्र — ऋग्वेद के सर्वाधिक-स्तुत देवराज। वृत्र-वध, दधीचि की अस्थियों से बना वज्र, अहल्या-गोवर्धन प्रसंग और अनगिनत इन्द्र की कथा यहाँ पढ़ें।
इन्द्र · 1528 शब्द - अष्टविनायक यात्रा: महाराष्ट्र के आठ स्वयंभू गणपति-क्षेत्रों की कथा
अष्टविनायक — महाराष्ट्र के आठ स्वयंभू गणेश-क्षेत्र। मोरगाँव से रांजणगाँव तक यात्रा-क्रम, हर क्षेत्र की कथा और परंपरा का विस्तृत परिचय।
अष्टविनायक · 1164 शब्द - मोहिनी अवतार: विष्णु का स्त्री-रूप, समुद्र मंथन कथा और महत्व
मोहिनी — विष्णु का एकमात्र स्त्री-अवतार। अमृत-वितरण की कथा, भस्मासुर-प्रसंग, शिव-मोहिनी मिलन और मोहिनी एकादशी का महत्व यहाँ पढ़ें।
मोहिनी · 1189 शब्द - दक्षिणामूर्ति: शिव का आदि-गुरु स्वरूप, मौन-उपदेश और कथा
दक्षिणामूर्ति — शिव का गुरु-स्वरूप। सनकादि ऋषियों को मौन-उपदेश, चिन्मुद्रा का रहस्य, वट-वृक्ष कथा और गुरु पूर्णिमा से जुड़ाव यहाँ जानें।
दक्षिणामूर्ति · 1022 शब्द - अर्धनारीश्वर: शिव-शक्ति का एक-देह स्वरूप, कथा और आध्यात्मिक अर्थ
अर्धनारीश्वर — आधे शिव आधी पार्वती का दिव्य स्वरूप। भृंगी-कथा, एलिफेंटा-शिल्प, तिरुचेंगोडे पीठ और इस विग्रह के गहरे प्रतीकात्मक अर्थ जानें।
अर्धनारीश्वर · 1018 शब्द - काल भैरव: काशी के कोतवाल, कथा, स्वरूप और भैरव अष्टमी का महत्व
काल भैरव — शिव का काल-स्वरूप। काशी के कोतवाल की कथा, कपालमोचन, बटुक-भैरव, उज्जैन परंपरा और कालाष्टमी पर्व की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
काल भैरव · 1050 शब्द - नटराज: शिव का आनंद-तांडव स्वरूप, चिदंबरम की कथा और प्रतीक अर्थ
नटराज — शिव का नृत्यराज रूप। चिदंबरम की तिल्लै-कथा, डमरू-अग्नि प्रतीक-शास्त्र, चोल-कांस्य परंपरा और आरुद्रा-दर्शन का महत्व यहाँ जानें।
नटराज · 1220 शब्द - बलराम की कथा: कृष्ण के अग्रज, शेष-अवतार दाऊजी
बलराम — कृष्ण के अग्रज, शेषनाग के अवतार, हल-मूसल धारी दाऊजी। जन्म-कथा, गोकुल-लीलाएँ, विवाह, हल षष्ठी पर्व और तीर्थ की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
बलराम · 1017 शब्द - कल्कि अवतार: कलियुग के अंत की भविष्य-कथा
कल्कि अवतार — विष्णु का दसवाँ और भावी अवतार, जो कलियुग के अंत में शंभल-ग्राम से प्रकट होगा। भविष्य-कथा, कल्कि पुराण, आध्यात्मिक अर्थ और पर्व यहाँ पढ़ें।
कल्कि · 1022 शब्द - बुद्ध अवतार: पुराण-परंपरा में विष्णु के नवम अवतार की कथा
पुराण-परंपरा में बुद्ध को विष्णु का नवम अवतार माना जाता है — मायामोह और करुणावतार, दोनों धाराओं सहित पूरी कथा, पर्व और मंदिरों की जानकारी यहाँ पढ़ें।
बुद्ध · 1016 शब्द - परशुराम अवतार की कथा: भार्गव योद्धा-ऋषि की गाथा
परशुराम अवतार — विष्णु के छठे अवतार, शिव से परशु पाने वाले भार्गव ऋषि। जन्म, मातृ-वध की कठोर कसौटी, इक्कीस अभियान, चिरंजीवी होने की कथा यहाँ पढ़ें।
परशुराम · 1012 शब्द - वामन अवतार की कथा: तीन पग में त्रिलोक की माप
वामन अवतार — विष्णु का पाँचवाँ अवतार, जिसने तीन पग में त्रिलोक नापकर राजा बलि का अहंकार शांत किया। जन्म-कथा, त्रिविक्रम रूप, मंत्र, पर्व और ओणम का महत्व यहाँ पढ़ें।
वामन · 1000 शब्द - नृसिंह अवतार की कथा: प्रह्लाद-रक्षा और हिरण्यकशिपु वध
नृसिंह अवतार — आधा नर आधा सिंह रूप, जिसने भक्त प्रह्लाद की रक्षा और हिरण्यकशिपु का वध किया। जन्म-कथा, आध्यात्मिक अर्थ, मंत्र, पर्व और तीर्थ यहाँ पढ़ें।
नृसिंह · 1024 शब्द - वराह अवतार की कथा: पृथ्वी का उद्धार और हिरण्याक्ष वध
वराह अवतार — विष्णु का तीसरा अवतार, जिसने रसातल में डूबी पृथ्वी को दाढ़ों पर उठाया और हिरण्याक्ष का वध किया। पूरी कथा, आध्यात्मिक अर्थ, मंत्र और तीर्थ यहाँ पढ़ें।
वराह · 1002 शब्द - कूर्म अवतार की कथा: समुद्र मंथन में मंदराचल का आधार
कूर्म अवतार — विष्णु का दूसरा अवतार, जिसकी पीठ पर मंदराचल पर्वत टिका और समुद्र मंथन संभव हुआ। जन्म-कथा, आध्यात्मिक अर्थ, मंत्र, पर्व और तीर्थ यहाँ पढ़ें।
कूर्म · 1010 शब्द - मत्स्य अवतार की कथा: प्रलय से मनु और वेदों की रक्षा
मत्स्य अवतार — विष्णु का प्रथम अवतार, जिसने प्रलय-सागर में मनु की नौका खींची और चुराए वेद लौटाए। जन्म, कथा, मंत्र, पर्व और तीर्थ की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
मत्स्य · 1040 शब्द - माता सीता की कथा: जानकी से भूमि-प्रवेश तक धैर्य की गाथा
माता सीता — भूमिजा जानकी, लक्ष्मी-अवतार, राम-वल्लभा। जन्म, स्वयंवर, अशोक वाटिका का धैर्य, अग्नि-परीक्षा और भूमि-प्रवेश तक की पूरी कथा, पूजा-विधि और तीर्थ यहाँ पढ़ें।
सीता · 1029 शब्द - श्री कृष्ण: लीला पुरुषोत्तम की कथा, गीता-उपदेश और उपासना
श्री कृष्ण विष्णु के आठवें अवतार और भगवद्गीता के उद्गाता हैं। जानिए उनकी बाल-लीलाएँ, गोवर्धन-कथा, कुरुक्षेत्र-उपदेश, मंत्र, मंदिर और जन्माष्टमी पूजा-विधि।
कृष्ण · 1031 शब्द - श्री राम: मर्यादा पुरुषोत्तम की कथा, आदर्श और उपासना विधि
श्री राम विष्णु के सातवें अवतार और मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। जानिए उनकी जन्मकथा, वनवास, सीता-हरण, रामराज्य, मंत्र, मंदिर और राम नवमी की पूजा-परंपरा।
राम · 1088 शब्द - श्री हनुमान की कथा: सुंदरकांड, संजीवनी और चिरंजीवी वरदान
श्री हनुमान वायुपुत्र, रामदूत और संकटमोचन हैं। जानिए जन्म एवं बाल-सूर्य कथा, सुंदरकांड की समुद्र-लंघन से लंका-दहन तक की यात्रा, संजीवनी-प्रसंग और हनुमान जयंती का महत्व।
हनुमान · 1185 शब्द - श्री राधा रानी की कथा: प्राकट्य, महारास और राधाष्टमी पर्व
श्री राधा रानी वृषभानु-नंदिनी और कृष्ण-प्रेम की पराकाष्ठा हैं। जानिए बरसाना में प्राकट्य, महारास-लीला, राधा-नाम भक्ति परंपरा, मंत्र और राधाष्टमी पर्व का महत्व।
राधा · 1056 शब्द - माता काली की कथा: रक्तबीज वध, चामुंडा रूप और दक्षिणा काली
माता काली काल की अधिष्ठात्री और अहंकार-संहारिणी हैं। जानिए दुर्गा के ललाट से प्राकट्य, चंड-मुंड वध, रक्तबीज वध, शिव पर चरण का रहस्य, मंत्र और काली पूजा का महत्व।
काली · 1136 शब्द - माता दुर्गा की कथा: महिषासुरमर्दिनी और नवरात्रि का महत्व
माता दुर्गा महिषासुरमर्दिनी और सिंहवाहिनी हैं। जानिए देव-तेज से प्राकट्य, महिषासुर वध, शुम्भ-निशुम्भ संहार, नवार्ण मंत्र, नवरात्रि और दुर्गा पूजा की संपूर्ण कथा।
दुर्गा · 1140 शब्द - माता सरस्वती की कथा: वाग्देवी का प्राकट्य और बसंत पंचमी पूजन
माता सरस्वती विद्या, वाणी, संगीत और कला की देवी हैं। जानिए वाग्देवी का प्राकट्य, त्रिदेवी-शाप कथा, सरस्वती नदी का रहस्य, सरस्वती वंदना, मंत्र और बसंत पंचमी का महत्व।
सरस्वती · 1086 शब्द - माता लक्ष्मी की कथा: समुद्र मंथन से प्राकट्य और दीपावली पूजन
माता लक्ष्मी समृद्धि और श्री की देवी हैं। जानिए समुद्र मंथन से प्राकट्य, कोल्हापुर-तिरुपति परंपरा, दीपावली-कोजागरी पूजा और अष्टलक्ष्मी का महत्व विस्तार से।
लक्ष्मी · 1086 शब्द - माता पार्वती की कथा: उमा-गौरी का जन्म, तपस्या और अन्नपूर्णा रूप
माता पार्वती शिव की शक्ति और गणेश-कार्तिकेय की माता हैं। जानिए उनके जन्म व नारद-भविष्यवाणी, अन्नपूर्णा कथा, काली से गौरी बनने की कथा, मंत्र और तीज-गौरी पर्व का महत्व।
पार्वती · 1146 शब्द - भगवान कार्तिकेय: स्कंद-मुरुगन की कथा, तारकासुर वध और वल्ली-विवाह
भगवान कार्तिकेय (स्कंद-मुरुगन) देवसेनापति हैं। जानिए षडानन जन्म-कथा, तारकासुर वध, वल्ली-विवाह, कार्तिकेय मंत्र, अरुपदई वீடு छह धाम और स्कंद षष्ठी का महत्व।
कार्तिकेय · 1090 शब्द - भगवान गणेश की कथा: जन्म, मूषक-वाहन और महाभारत लेखन
भगवान गणेश विघ्नहर्ता और बुद्धिदाता हैं। जानिए उनकी जन्म-कथा, महाभारत-लेखन में भूमिका, मूषक वाहन की कथा, गणेश मंत्र, अष्टविनायक तीर्थ और गणेश चतुर्थी का महत्व।
गणेश · 1224 शब्द - भगवान शिव: महादेव की कथा, सती-पार्वती और गंगावतरण का रहस्य
भगवान शिव त्रिमूर्ति के संहारक-रूपांतरणकर्ता हैं। जानिए सती-दक्ष यज्ञ, पार्वती-विवाह, गंगावतरण की कथा, महामृत्युंजय मंत्र, ज्योतिर्लिंग और महाशिवरात्रि का महत्व।
शिव · 1249 शब्द - भगवान विष्णु: पालनकर्ता, समुद्र मंथन और गजेंद्र मोक्ष की कथा
भगवान विष्णु त्रिमूर्ति के पालनकर्ता हैं। जानिए समुद्र मंथन, गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार की कथा, विष्णु मंत्र, प्रमुख तीर्थ और एकादशी व्रत का महत्व विस्तार से।
विष्णु · 1295 शब्द - भगवान ब्रह्मा की कथा: सृष्टिकर्ता, पाँचवाँ सिर और पूजा दुर्लभ क्यों
भगवान ब्रह्मा त्रिमूर्ति के सृष्टिकर्ता हैं। जानिए हिरण्यगर्भ से उत्पत्ति, पाँचवें सिर की कथा, पूजा दुर्लभ क्यों है, ब्रह्मा जी का मंत्र और पुष्कर तीर्थ का महत्व।
ब्रह्मा · 1311 शब्द