आज का पंचांग 7 नवंबर 2026, शनिवार: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
इस पोस्ट में आपको 7 नवंबर 2026 का पंचांग एक तालिका में मिलेगा। साथ में हर अंग का सीधा और सरल अर्थ और दिन के समय-खंड भी समझाए गए हैं।
आज का पंचांग तालिका: नई दिल्ली
नीचे की सारी जानकारी नई दिल्ली के लिए है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण सूर्योदय के समय की स्थिति दिखाते हैं। इसलिए दिन में आगे ये बदल सकते हैं। किसी व्रत या अनुष्ठान का सही समय चाहिए, तो इन्हें अंतिम न मानें।
| अंग | मान |
|---|---|
| वार | शनिवार (शनिवार के स्वामी: शनि) |
| तिथि | कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी |
| नक्षत्र | चित्रा, पद 1 (नक्षत्र स्वामी: मंगल) |
| योग | प्रीति |
| करण | वणिज |
| सूर्योदय | 06:37 |
| सूर्यास्त | 17:31 |
| राहु काल | 09:21 - 10:42 |
| यमगण्ड | 13:26 - 14:48 |
| गुलिक काल | 06:37 - 07:59 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 - 12:26 |
अपने शहर के समय के लिए Panchang पेज पर जाकर शहर चुनिए और स्थानीय समय मिला लीजिए। दो शहरों में एक ही दिन के समय अलग हो सकते हैं।
पंचांग के पाँच अंग क्या हैं
पंचांग का अर्थ है पाँच अंग। ये हैं वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। इन्हें अलग-अलग समझ लें, तो तालिका पढ़ना आसान हो जाता है।
- वार: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का दिन। आज शनिवार है।
- तिथि: चंद्रमा और सूर्य के बीच के अंतर से बनती है। हर 12 अंश पर एक तिथि होती है। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं।
- नक्षत्र: चंद्रमा जिस तारा-समूह के हिस्से में हो, वह नक्षत्र है। कुल 27 नक्षत्र हैं। हर नक्षत्र के 4 पद होते हैं।
- योग: सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को जोड़कर बनता है। कुल 27 योग हैं।
- करण: तिथि का आधा भाग। एक तिथि में दो करण आते हैं।
आज की तिथि: कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी
पहली 15 तिथियाँ शुक्ल पक्ष की होती हैं और बाकी 15 कृष्ण पक्ष की। कृष्ण पक्ष में चंद्रमा का प्रकाश घटता है। आज त्रयोदशी है, यानी पक्ष की तेरहवीं तिथि। इसके बाद चतुर्दशी और फिर अमावस्या आती है।
तिथि सूर्योदय से गिनी जाती है, पर वह दिन के बीच में भी बदल सकती है। व्रत रखने वाले लोग तिथि के समाप्ति-समय को स्थानीय पंचांग या अपने कुल-पुरोहित से ज़रूर मिलाएँ।
आज का नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र: आज सूर्योदय के समय चित्रा नक्षत्र है और उसका पहला पद चल रहा है। इसके स्वामी मंगल हैं। नक्षत्र का स्वामी जानना परंपरा में उस नक्षत्र का स्वभाव समझने के काम आता है।
योग: आज प्रीति योग है। योग का नाम पंचांग में एक पहचान की तरह दर्ज होता है। इसका फल हर व्यक्ति पर एक जैसा हो, यह नहीं माना जाता। इसे केवल पंचांग की जानकारी की तरह पढ़िए।
करण: आज वणिज करण है। सात चर करण क्रम से दोहराते रहते हैं और चार स्थिर करण हैं: शकुनि, चतुष्पद, नाग और किंस्तुघ्न। वणिज चर करणों में गिना जाता है।
दिन के समय-खंड: राहु काल, यमगण्ड, गुलिक और अभिजित
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 8 बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल में से हर एक इन भागों में से वार के अनुसार तय एक भाग होता है। आज सूर्योदय 06:37 और सूर्यास्त 17:31 है।
- राहु काल 09:21 - 10:42: परंपरा में नए शुभ कार्य की शुरुआत इस समय टाली जाती है।
- यमगण्ड 13:26 - 14:48: इसे भी अशुभ काल माना जाता है।
- गुलिक काल 06:37 - 07:59: यह भी परंपरा में नए कार्य के लिए टाला जाने वाला समय है।
- अभिजित मुहूर्त 11:42 - 12:26: दिन के 15 मुहूर्तों में आठवाँ। इसे परंपरा में शुभ माना जाता है।
इन अशुभ कालों में रोज़ के सामान्य काम चलते रहते हैं। केवल नई शुरुआत के लिए इनसे बचने की परंपरा है।
आज का चौघड़िया
चौघड़िया दिन को आठ हिस्सों में बाँटता है। अमृत, शुभ, लाभ और चर को परंपरा में अनुकूल माना जाता है। शेष को टालने की सलाह दी जाती है। आज दिन के चौघड़िया ये हैं:
| समय | चौघड़िया | परंपरा में |
|---|---|---|
| 06:37 - 07:59 | काल | अनुकूल नहीं |
| 07:59 - 09:21 | शुभ | अनुकूल |
| 09:21 - 10:42 | रोग | अनुकूल नहीं |
| 10:42 - 12:04 | उद्वेग | अनुकूल नहीं |
| 12:04 - 13:26 | चर | अनुकूल |
| 13:26 - 14:48 | लाभ | अनुकूल |
| 14:48 - 16:10 | अमृत | अनुकूल |
| 16:10 - 17:31 | काल | अनुकूल नहीं |
ध्यान दीजिए कि 13:26 - 14:48 का लाभ चौघड़िया यमगण्ड से मिलता है। ऐसे में दोनों बातें साथ देखकर ही निर्णय लीजिए। 09:21 - 10:42 का रोग चौघड़िया राहु काल के साथ पड़ता है।
पंचांग का उपयोग कैसे करें
- पहले अपना शहर चुनिए, क्योंकि सूर्योदय बदलते ही सारे समय बदल जाते हैं।
- तिथि और नक्षत्र के समाप्ति-समय देखिए, खासकर व्रत वाले दिन।
- नया कार्य शुरू करना हो, तो राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल से बचिए।
- अंतिम समय के लिए अपने कुल-पुरोहित या स्थानीय पंचांग से मिलान कीजिए।
Panchang पेज पर आप तारीख और शहर चुनकर पंचांग के पाँचों अंग, सूर्य-चंद्र का समय, शुभ और अशुभ काल, चौघड़िया और होरा देख सकते हैं। वहाँ पिछला, आज और अगला बटन भी हैं, जिनसे दिन बदले जा सकते हैं। पेज को PDF के रूप में सहेजने का विकल्प भी है।
मुख्य बातें
- 7 नवंबर 2026, शनिवार को नई दिल्ली में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी, चित्रा नक्षत्र, प्रीति योग और वणिज करण है।
- सूर्योदय 06:37 और सूर्यास्त 17:31 है।
- राहु काल 09:21 - 10:42, यमगण्ड 13:26 - 14:48 और गुलिक काल 06:37 - 07:59 है।
- अभिजित मुहूर्त 11:42 - 12:26 है।
- अपने शहर के समय Panchang पेज पर मिला लीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आज की तिथि कौन सी है?
नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। तिथि दिन में आगे बदल सकती है।
आज राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:21 - 10:42 है। परंपरा में नया शुभ कार्य इस समय टाला जाता है।
अभिजित मुहूर्त कब है?
आज अभिजित मुहूर्त 11:42 - 12:26 है। यह दिन के 15 मुहूर्तों में आठवाँ है।
क्या ये समय सभी शहरों के लिए एक जैसे हैं?
नहीं। ये समय नई दिल्ली के हैं। हर शहर का सूर्योदय अलग होता है, इसलिए अपने शहर के लिए Panchang पेज पर जाँच कीजिए।
करण क्या होता है?
करण तिथि का आधा भाग है। आज वणिज करण है, जो सात चर करणों में से एक है।
आगे क्या करें। अपनी जगह के अनुसार समय देखने के लिए नीचे का पेज खोलें।
Today's Panchang — Tithi, Nakshatra, Rahu Kaal →



