ज़्यादातर NRI परिवार भारत में अपनी परंपरा से विवाह करते हैं और फिर उसे पंजीकृत कराते हैं — हिन्दू, जैन, बौद्ध, सिख विवाह के लिए हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 (धारा 8 और राज्य के नियम), सिख आनंद कारज के लिए राज्य के आनंद विवाह नियम जहाँ बने हों, और ईसाई, पारसी, मुस्लिम विवाह के लिए उनके अपने क़ानून/राज्य नियम।
पंजीकरण आमतौर पर उस क्षेत्र के विवाह रजिस्ट्रार/SDM कार्यालय में होता है जहाँ विवाह हुआ या जहाँ एक पक्ष रहता है। दोनों पक्षों और गवाहों की व्यक्तिगत उपस्थिति अक्सर ज़रूरी होती है — इसलिए यात्रा की तारीखें इसी हिसाब से रखें।
- प्रमाण-स्तर: तथ्य (क़ानून) — वर्तमान नियम आधिकारिक स्रोत से जाँचें