दोनों पक्षों से
पासपोर्ट (मूल + प्रति); आयु का प्रमाण (जन्म प्रमाण-पत्र / पासपोर्ट / 10वीं का प्रमाण-पत्र); पते का प्रमाण; पासपोर्ट आकार की फ़ोटो।
NRI · DOCUMENTS
हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 और विशेष विवाह अधिनियम, 1954 — शर्तें, प्रक्रिया और वे दस्तावेज़ जो आमतौर पर माँगे जाते हैं।
महत्वपूर्ण
यह पेज सामान्य जानकारी देता है। नियम राज्य, कार्यालय और देश के अनुसार अलग होते हैं और बदलते रहते हैं — हर क़दम से पहले संबंधित आधिकारिक कार्यालय या वेबसाइट से पुष्टि करें।
01दो रास्ते
हिन्दू, बौद्ध, जैन और सिख पर लागू। पहले धार्मिक विधि से विवाह होता है, फिर राज्य के नियमों के अनुसार उसका पंजीकरण (धारा 8)। पंजीकरण आमतौर पर उस क्षेत्र के रजिस्ट्रार/SDM कार्यालय में होता है जहाँ विवाह हुआ या जहाँ एक पक्ष रहता है।
किसी भी धर्म या राष्ट्रीयता के दो व्यक्तियों के लिए नागरिक विवाह, जो विवाह अधिकारी के सामने होता है। अलग धर्म या राष्ट्रीयता वाले जोड़े, या जो धार्मिक विधि नहीं चाहते, यह रास्ता चुनते हैं।
निर्धारित फ़ॉर्म में सूचना उस ज़िले के विवाह अधिकारी को जहाँ कम से कम एक पक्ष सूचना से ठीक पहले कम से कम 30 दिन से रह रहा हो।
सूचना दर्ज और प्रकाशित होती है; 30 दिन तक आपत्ति की जा सकती है। जो पक्ष उस ज़िले का स्थायी निवासी नहीं, उसके स्थायी निवास के विवाह अधिकारी को भी प्रति भेजी जा सकती है।
दोनों पक्ष और तीन गवाह विवाह अधिकारी के सामने घोषणा पर हस्ताक्षर करते हैं; फिर विवाह संपन्न होता है।
विवाह अधिकारी विवाह प्रमाण-पत्र पुस्तिका में प्रविष्टि करता है — यही प्रमाण-पत्र है।
सूचना के तीन महीने के भीतर विवाह न हो तो नई सूचना देनी पड़ती है।
02दस्तावेज़
पासपोर्ट (मूल + प्रति); आयु का प्रमाण (जन्म प्रमाण-पत्र / पासपोर्ट / 10वीं का प्रमाण-पत्र); पते का प्रमाण; पासपोर्ट आकार की फ़ोटो।
राज्य जो माँगे — जन्म-तिथि, वैवाहिक स्थिति, राष्ट्रीयता, और यह कि दोनों निषिद्ध रिश्ते में नहीं हैं।
तलाक़ की डिक्री, या पूर्व जीवनसाथी का मृत्यु प्रमाण-पत्र।
वैध वीज़ा या OCI कार्ड; अक्सर अपने देश या दूतावास से अविवाहित होने / विवाह में कोई बाधा न होने का प्रमाण-पत्र — जिसका अपोस्टिल या सत्यापन माँगा जा सकता है।
विशेष विवाह अधिनियम में 30 दिन के निवास का प्रमाण — कार्यालय क्या स्वीकार करता है (किराया-अनुबंध, मेज़बान का पत्र आदि), पहले पूछ लें।
विशेष विवाह अधिनियम में तीन गवाह; हिन्दू विवाह के पंजीकरण में राज्य नियम अनुसार। गवाहों के पहचान-पत्र और पते का प्रमाण।
सटीक सूची राज्य और कार्यालय के अनुसार बदलती है। कई राज्य अपने e-District या पंजीकरण विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन लेते हैं — केवल .gov.in या .nic.in वाले आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें, और अपॉइंटमेंट से पहले उसी कार्यालय से लिखित सूची लें।
03सावधानियाँ
पंजीकरण में सहायता चाहिए तो हमारा विवाह दस्तावेज़ सेवाओं का पेज देखें।
आधिकारिक स्रोत
लिंक केवल सरकारी वेबसाइटों के हैं। एजेंटों या "फ़ास्ट-ट्रैक" वेबसाइटों से सावधान रहें — आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल पर करें।
अस्वीकरण
यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी या आप्रवासन सलाह नहीं — रजिस्ट्रार/दूतावास से पुष्टि करें।